Monday, July 25, 2016

Raga Malkans, Drut Teentaal - "Ja Ja Bolo Na Kanhaa" (July 2016)

जा जा बोलो ना कान्हा
सब जगत के तुमही हो पालक
हमारी बेर क्यूँ झूठा बहाना ।। धृ ।। 
बन ठन के तोरी देखीं बाँट
श्याम ढली और बीती रात
कौन समझे मोरा आँसू बहाना ।। १ ।।

Explanation

This is an adaptation from my composition in Raga Chandrakauns in Madhyalaya Roopak. The conversion from Roopak (7-beat cycle) to Teentaal (16-beat cycle) makes the composition quite interesting.

No comments :

Post a Comment