Composition
मैं ना पा+उँ, मन जो चा१हे ॥
कल है जैसे+ कारा अँधिया१रा ॥ध्रु॥
आज के ज्योती+ मेँ आज ही दे१खो ॥
कल होगा +नया उजिया१रा ॥१॥Explanation
मैं ना पा+उँ, मन जो चा१हे ॥
कल है जैसे+ कारा अँधिया१रा ॥ध्रु॥
आज के ज्योती+ मेँ आज ही दे१खो ॥
कल होगा +नया उजिया१रा ॥१॥Explanation